ग़ाज़ियाबाद : संपादक बृजेश श्रीवास्तव। बृहस्पतिवार 19 फरवरी को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की 171वीं बोर्ड बैठक प्राधिकरण सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में प्रस्तुत सभी 25 एजेंडों पर विस्तृत विचार-विमर्श के उपरांत बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में विशेष रूप से तुलसी निकेतन पुनर्विकास, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एरोसिटी थीम टाउनशिप तथा हिंडन नदी तटबंध (बंधा) परियोजना को अलग-अलग महत्वपूर्ण प्रस्तावों के रूप में अनुमोदित किया गया।
तुलसी निकेतन योजना का व्यापक पुनर्विकास (Re-development) स्वीकृत: -
तुलसी निकेतन योजना में स्थित 288 एलआईजी भवन, 2004 ईडब्ल्यूएस भवन तथा 60 दुकानों की जर्जर अवस्था को दृष्टिगत रखते हुए योजना के समग्र पुनर्विकास का प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बोर्ड ने उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 के प्रावधानों के अनुरूप इस योजना को पीपीपी मॉडल पर पुनर्विकसित करने की सैद्धांतिक एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की।
पुनर्विकास के अंतर्गत आधुनिक बहुमंजिला आवासीय परिसर, सुव्यवस्थित पार्किंग, आंतरिक सड़कें, सीवरेज, जलापूर्ति, विद्युत व्यवस्था एवं हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। वर्तमान निवासियों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
राजनगर एक्सटेंशन में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को सैद्धांतिक स्वीकृति: -
राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र के ग्राम मोरटी एवं अटौर में संयुक्त उपक्रम के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रिकेट स्टेडियम विकसित करने के प्रस्ताव को बोर्ड ने सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की।
प्रस्तावित स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पिच, दर्शक दीर्घाएं, कॉर्पोरेट बॉक्स, मीडिया सेंटर, पार्किंग एवं अन्य खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह परियोजना न केवल खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि गाजियाबाद को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एरोसिटी थीम आधारित एकीकृत टाउनशिप — अलग मेगा परियोजना के रूप में स्वीकृत: -
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के आसपास “एरोसिटी थीम” पर आधारित एक आधुनिक एवं एकीकृत टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव को भी बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
इस टाउनशिप में उच्च स्तरीय आवासीय परिसर, वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स, हॉस्पिटैलिटी एवं रिटेल जोन, संस्थागत क्षेत्र, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, मल्टीलेवल पार्किंग, हरित क्षेत्र एवं ओपन स्पेस जैसी समस्त आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह परियोजना निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन करने एवं गाजियाबाद को एक आधुनिक शहरी गंतव्य के रूप में विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी।
हिंडन नदी तट पर “बंधा ” (Embankment) निर्माण को विशेष मंजूरी: -
बोर्ड द्वारा हिंडन नदी के तटीय क्षेत्र में तटबंध (Embankment) निर्माण एवं उसके साथ समांतर “बंधा ” विकसित करने हेतु आवश्यक भूमि अर्जन प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
यह परियोजना बाढ़ नियंत्रण, नदी तट संरक्षण एवं जलभराव की समस्या से राहत प्रदान करने के साथ-साथ एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग के रूप में विकसित की जाएगी। भविष्य में इस तटीय मार्ग के माध्यम से रिवरफ्रंट विकास, हरित पट्टी निर्माण एवं सार्वजनिक उपयोग की सुविधाओं के विकास की संभावनाएं भी सुदृढ़ होंगी। यह परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।
वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी: -
वित्तीय वर्ष 2025-26 (पुनरीक्षित) के अंतर्गत कुल आय ₹2,71,771.00 लाख तथा कुल व्यय ₹1,97,695.00 लाख अनुमोदित किया गया। जनवरी 2026 तक ₹2,09,319.69 लाख की आय एवं ₹1,02,280.37 लाख व्यय दर्ज किया गया।
वित्तीय वर्ष 2026-27 (प्रस्तावित) हेतु कुल आय ₹3,49,640.00 लाख एवं कुल व्यय ₹3,28,700.00 लाख का प्रावधान स्वीकृत किया गया।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय: -
विभिन्न परियोजनाओं की गुणवत्ता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (PMU) के चयन को स्वीकृति।
15 सिविल इंजीनियरों की आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति की मंजूरी।
विशेषज्ञ परियोजनाओं हेतु अधिकतम तीन वर्ष के लिए विशेषज्ञ कंसल्टेंट्स की नियुक्ति को स्वीकृति।
महायोजना-2031 के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों के भू-उपयोग परिवर्तन प्रस्तावों को मंजूरी।
अवैध निर्माण के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन हेतु भूतपूर्व सैनिकों एवं होमगार्ड की सेवाएं लेने के व्यय का अनुमोदन।
1,228 अविकसित/रिक्त आवासीय इकाइयों को शासनादेश दिनांक 25.12.2025 के अनुरूप विक्रय हेतु स्वीकृति, जिससे लगभग ₹40,850 लाख का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
जीडीए अध्यक्ष भानु चन्द्र गोस्वामी के निर्देश:
अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि तुलसी निकेतन पुनर्विकास, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एरोसिटी टाउनशिप एवं हिंडन तटबंध परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन एवं जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा लिए गए ये निर्णय गाजियाबाद को एक आधुनिक, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निवेश-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे।






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