पुनीत माथुर। ज्योतिर्लिंग का अर्थ है 'प्रकाश का स्तंभ' (ज्योति + लिंग)। ये भगवान शिव के सबसे पवित्र और स्वयंभू (स्वयं प्रकट हुए) प्रतीक हैं, जहां शिव प्रकाश के अग्नि स्तंभ के रूप में प्रकट हुए थे। शिव पुराण के अनुसार, ये स्थान असीम ऊर्जा और दिव्य शक्ति का केंद्र माने जाते हैं तथा इन स्थानों पर दर्शन करने से मोक्ष की प्राप्ति मानी जाती है।
भगवान शिव के मुख्य 12 ज्योतिर्लिंग हैं, जो भारत के विभिन्न राज्यों में स्थित हैं।
12 प्रमुख ज्योतिर्लिंग...
सोमनाथ (गुजरात)
मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश)
महाकालेश्वर (उज्जैन, मध्य प्रदेश)
ओंकारेश्वर (मध्य प्रदेश)
केदारनाथ (उत्तराखंड)
भीमाशंकर (महाराष्ट्र)
काशी विश्वनाथ (वाराणसी, उत्तर प्रदेश)
त्र्यम्बकेश्वर (महाराष्ट्र)
वैद्यनाथ (झारखंड)
नागेश्वर (गुजरात)
रामेश्वरम (तमिलनाडु)
घृष्णेश्वर (महाराष्ट्र)
इन ज्योतिर्लिंगों के अलावा, मान्यता है कि कुल 64 ज्योतिर्लिंग हैं, लेकिन इनमें से इन 12 को सबसे प्रमुख और पवित्र माना गया है।


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