नयी दिल्ली : पुनीत माथुर। दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों के लिए मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू हो गई है। शुरूआती रुझानों में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सत्ता में वापसी करते नजर आ रहे हैं। 

आम आदमी पार्टी करीब 50 सीटों पर आगे चल रही है। भाजपा के प्रदर्शन में भी सुधार हुआ है और उसने इस बार दहाई का आंकड़ा छू लिया है।

कांग्रेस एक सीट पर आगे चल रही है। ऐसे में लोगों की नजर दिल्ली की 8 मुस्लिम बहुल विधानसभा सीटों पर है। दिल्ली में इन सीटों पर सीएए के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

ओखला विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले शाहीन बाग में तो पिछले 58 दिनों से महिलाएं रात-दिन धरने पर बैठी हैं।

दिल्ली की राजनीति में मुस्लिम मतदाता 12 प्रतिशत के करीब हैं। दिल्ली की कुल 70 में से 8 विधानसभा सीटों को मुस्लिम बहुल माना जाता है, जिनमें बल्लीमारान, सीलमपुर, ओखला, मुस्तफाबाद, चांदनी चौक, मटिया महल, बाबरपुर और किराड़ी  सीटें शामिल हैं। इन विधानसभा क्षेत्रों में 35 से 60 प्रतिशत तक मुस्लिम मतदाता हैं।

ओखला
ओखला सीट से आम आदमी पार्टी के मौजूदा विधायक अमानतुल्ला पीछे चल रहे हैं और बीजेपी के ब्रह्म सिंह आगे चल रहे हैं। जबकि कांग्रेस से पूर्व विधायक परवेज हाशमी तीसरे स्थान पर हैं। 2015 में AAP ने यहां पर जीत दर्ज की थी।

बल्लीमरान
बल्लीमरान सीट से AAP के इमरान हसन आगे चल रहे हैं। जबकि कांग्रेस से हारुन यूसुफ और भाजपा से लता सोढ़ी पीछे चल रहे हैं। 2015 में AAP ने यहां पर जीत दर्ज की थी।

मटिया महल
मटिया महल सीट से AAP से शोएब इकबाल आगे चल रहे हैं। कांग्रेस के एम मिर्जा और भाजपा से रविंदर गुप्ता पीछे चल रहे हैं। 2015 में इस सीट पर AAP से असीम अहमद ने जीत दर्ज की थी।

सीलमपुर
सीलमपुर सीट से AAP के अब्दुल रहमान आगे चल रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व विधायक चौधरी मतीन और भाजपा से कौशल मिश्रा पीछे चल रहे हैं।

किराड़ी
किराड़ी विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी के रितुराज गोविंद आगे चल रहे हैं। कांग्रेस की सहयोगी आरजेडी ने मोहम्मद रियाजुद्दीन औऱ बीजेपी से अनिल झा पीछे चल रहे हैं।

बाबरपुर
बाबरपुर विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी के गोपाल राय आगे चल रहे हैं। बीजेपी से नरेश गौर और कांग्रेस से अनवीक्षा दीक्षित पीछे चल रहे हैं। 2015 में आम आदमी पार्टी से गोपाल राय विधायक चुने गए थे।

मुस्तफाबाद
मुस्तफाबाद सीट से भाजपा के जगदीश प्रधान आगे चल रहे हैं। कांग्रेस के अली मेंहदी और आम आदमी पार्टी से हाजी युनूस मैदान पीछे चल रहे हैं। 2015 में
भाजपा ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी।

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