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| आज उद्घाटित कुमार भास्कर वर्मा सेतु |
पुनीत माथुर। ब्रह्मपुत्र नदी पर निर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु जिसका उद्घाटन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया, असम के विकास में एक नया अध्याय जोड़ता है। इससे गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच यात्रा का समय 45-60 मिनट से घटकर मात्र 7-10 मिनट रह गया है।
यह असम के गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी पर बना एक 6-लेन का पुल है जिसकी लंबाई 1.24 किलोमीटर है और 8.4 किलोमीटर लंबे कनेक्टिविटी कॉरिडोर का हिस्सा है।
लगभग ₹3,000 से ₹3,300 करोड़ के लागत से बना ये सेतु पूर्वोत्तर भारत का पहला एक्स्ट्राडोज्ड (extradosed) पुल है। भूकंपीय क्षेत्र होने के कारण इसमें 'बेस आइसोलेशन' तकनीक का उपयोग किया गया है।
बता दें कि इस सेतु का नाम 7वीं शताब्दी के कामरूप (प्राचीन असम) के यशस्वी राजा कुमार भास्कर वर्मन के सम्मान में रखा गया है। भास्कर वर्मन को कामरूप की समृद्धि और सांस्कृतिक उन्नति के लिए जाना जाता है।
15 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक यह पुल केवल पैदल चलने वालों के लिए खुला रहेगा, ताकि वे कामाख्या मंदिर और ब्रह्मपुत्र नदी के सुंदर दृश्यों का आनंद ले सकें। वाहनों का आवागमन मार्च 2026 की शुरुआत से शुरू होने की संभावना है।
वीडियो के माध्यम से देखें इस सेतु की भव्यता, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा किया है....


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