ग़ाज़ियाबाद : बृजेश श्रीवास्तव। शनिवार को गाजियाबाद में 100 चयनित छात्र-छात्राओं ने औपचारिक रूप से उद्यमिता की राह पर कदम रख दिया, जहां वे अब नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि आने वाले समय में नौकरी देने वाले युवा उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए देश के ‘विकसित भारत’ के सपने की नींव मजबूत करना है।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव रखने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है।
गाजियाबाद में आज गाजियाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा शुरू की गई Ghaziabad Entrepreneurship Mission का भव्य उद्घाटन समारोह राम चमेली चढ़ा विश्वास गर्ल्स कॉलेज में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम गाजियाबाद ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में युवाओं को स्टार्टअप और उद्यमिता की ओर आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुनील कुमार शर्मा, कैबिनेट मंत्री (आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स), उत्तर प्रदेश सरकार रहे। उन्होंने अपने संबोधन में इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में इस तरह का यह पहला संगठित जिला-स्तरीय प्रयास है, जो युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश के ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा और आने वाले समय में प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अभिनव गोपाल, मुख्य विकास अधिकारी, गाजियाबाद उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि आज से गाजियाबाद के स्टार्टअप हब बनने की दिशा में ठोस शुरुआत हो चुकी है, और यह गर्व की बात है कि प्रदेश में इस तरह का पहला कार्यक्रम गाजियाबाद में हो रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पहल को जिला प्रशासन का पूरा सहयोग मिलेगा, ताकि युवाओं को केवल मार्गदर्शन ही नहीं, बल्कि वास्तविक अवसर भी मिल सकें। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि District Industries Centre (DIC) गाजियाबाद के सहयोग से चयनित छात्रों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और फंडिंग सपोर्ट से जोड़ा जाएगा, ताकि उनके स्टार्टअप विचार केवल काग़ज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि ज़मीन पर उतरकर रोजगार सृजन कर सकें।
कार्यक्रम की शुरुआत राहुल अग्रवाल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, जीएमए के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने बताया कि जीएमए लंबे समय से उद्योग और समाज के बीच सेतु का काम कर रहा है और इस मुहिम की शुरुआत इसी सोच से हुई कि गाजियाबाद का युवा केवल रोजगार ढूंढने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने। उन्होंने कहा कि यह पहल उद्योग जगत की समाज के प्रति जिम्मेदारी का उदाहरण है, जहां उद्योग युवा पीढ़ी को सही दिशा और मंच देने के लिए आगे आ रहा है।
इसके बाद प्रवीण राजभर, फाउंडर एवं सीईओ, स्किलिंग यू ने पूरी यात्रा को साझा करते हुए बताया कि गाजियाबाद के 12 कॉलेजों से करीब 4,000 छात्रों ने आवेदन किया, जिनमें से फाउंडर फिट टेस्ट और उनके स्टार्टअप आइडियाज़ के आधार पर टॉप 100 छात्रों का चयन किया गया है। इन चयनित छात्रों को अब अगले दो महीनों तक स्टार्टअप से जुड़ी पूरी ट्रेनिंग और सपोर्ट दिया जाएगा, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने विचारों को आगे बढ़ा सकें।
इस अवसर पर चयनित गाजियाबाद के टॉप 100 छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में जीएमए के फाउंडिंग मेंबर आई.सी. अग्रवाल, तथा कॉलेज की प्रिंसिपल नीतू चावला ने भी छात्रों को संबोधित किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। वक्ताओं ने कहा कि ये युवा न केवल अपने भविष्य का निर्माण करेंगे, बल्कि गाजियाबाद और प्रदेश की आर्थिक दिशा को भी नई पहचान देंगे।
इस कार्यक्रम के साथ गाजियाबाद में उद्यमिता आधारित विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है, जहां उद्योग, प्रशासन और शिक्षा मिलकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह पहल इस बात का स्पष्ट संकेत है कि विकसित भारत की नींव ज़िलों से रखी जाएगी, और युवा उसकी सबसे बड़ी ताकत होंगे।





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