ब्यूरो चीफ दिनेश जमदग्नि:

ग़ाज़ियाबाद। मंगलवार 7 अप्रैल को महाकाली वाहिनी ने डीएम कार्यालय गाजियाबाद पर वेबसीरीज चिरैया को बैन करने के लिए जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया।

वामपंथी एजेंडा से प्रेरित “चिरैया” वेबसीरीज में सनातन विवाह के संबंधों पर कुठाराघात करते हुए “मैरिटल रेप”की धारणा को सही साबित करने के लिए ग़लत आँकड़े प्रस्तुत करके सनातनी पुरुषों के प्रति समाज में घृणा फैला कर वैवाहिक संस्था को तोड़ने की साज़िश की जा रही है। मंगलवार को बड़ी संख्या में महाकाली वाहिनी की महाकालियों के द्वारा इसका विरोध डीएम कार्यालय पर किया गया।

सनातन धर्म पर रोज़ाना सिनेमा में अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर वामपंथियों द्वारा प्रोपोगंडा फ़िल्म /सीरीज के माध्यम से फेक नैरेटिव चलाए जा रहे हैं। जिसका शिकार मासूम सनातनी महिलाएं और बच्चियाँ हो रही हैं। इन प्रोपोगैंडा में फँस कर महिलाएं अपने परिवारों को छोड़ रही हैं, नवविवाहिताएं अपने पतियों की हत्या कर रही हैं, लड़कियां लव जिहाद में फँस रही हैं।

डॉ उदिता त्यागी ने बताया कि वामपंथियों द्वारा सनातनी परंपराओं पर प्रहार किया जा रहा है। समाज में मासूम बच्चियों के मन में विवाह और पति के प्रति घृणा का भाव रोपा जा रहा है।

उन्होंने पूछा क्या हलाला प्रथा पर किसी वामपंथी की हिम्मत है वेबसीरीज बनाने की? क्या हलाला रेप की श्रेणी में नहीं आता? क्या सनातन धर्म इतना कमजोर हो गया है कि कोई भी हमारे रीति रिवाजों पर प्रोपोगंडा चला कर हमारे बच्चों को गुमराह कर सकता है?

सीरीज में एक सनातनी परिवार के माध्यम से ये सब दिखाया गया है जिससे निर्माता/निर्देशक की दुर्भावना का पता चलता है।

महाकाली वाहिनी के द्वारा डीएम ग़ाज़ियाबाद के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी को लिखे गए पत्र में ऒटीटी प्लेटफार्म के लिए कड़े सेंसरशिप नियमों को बनाने की मांग की गई है।

फ़िल्म के प्रोडूसर, डायरेक्टर,और राइटर पर महाकाली वाहिनी के द्वारा एफआईआर भी कविनगर थाने में करवाई गई है।

वेबसीरीज में सनातनी पुरुषों को राक्षसों के रूप में प्रस्तुत किया गया है और महिला पुरुष के वैवाहिक संबंधों को मैरिटल रेप की श्रेणी में लाकर कानून बनाने की बात कही गई है।

विरोध प्रदर्शन में उपस्थित निशि त्यागी, रीना त्यागी, सुमन उपाध्याय, गीता त्यागी, पूजा शर्मा, ज्योतित्यागी, नीता राय ने सीरीज पर आपत्ति जताते हुए सेंसर बोर्ड से सीरीज को बैन करने की माँग की है।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। मुख्य रूप से शैलजा सिन्हा, डॉ रचना शाही, ज्योति चौधरी, मंजू श्रीवतस्तव, सुधा शुक्ला, कुसूम गोसाईं, आशा, पूनम पांडे, सीता वर्मा, मोनिका गुप्ता, प्रीति मेहरा, पद्मा गोसाईं, आंचल, शोभा, सोनिया, शालिनी, पूनम, कौशल, निधि राय, बबीता, तोशी श्रीवतास्तव, सरोज, सुनीता आदि उपस्थित रहीं।

डॉ उदिता त्यागी ने बताया कि ये विरोध सनातन वैवाहिक संस्था के रक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों की कड़ी है।



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