ब्यूरो चीफ मनोज कुमार:

दिल्ली। खबर छपने के बाद अस्पताल प्रशासन नींद से जागा और अस्पताल प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को फोन पर लताड़ा। इसके बाद मंगलवार को सभी खामियां दूर की गई। इमरजेंसी के पास लिफ्ट और वाटर कूलर को सही किया गया। जो शौचालय सोमवार तक  बंद थे उनको खोला गया और अन्य शौचालय की कमियों को दूर किया गया। जहां परचे ओपीडी रजिस्ट्रेशन होता है वहां पर लगे वाटर कूलर को भी सही किया गया। 

अस्पताल में मिल रही बहुत सी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ विनोद कुमार ने औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण करने पर अस्पताल में बहुत सी खामियां देखने को मिली जिसमें अस्पताल में इलाज कराने आ रहे मरीजों के लिए ग्राउंड फ्लोर पर शौचालय को ताला लगा हुआ पाया। कुछ लिफ्ट बंद अवस्था में  पाई गई जिसके कारण मरीज को और तीमारदारों को बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। 

अस्पताल में बहुत से वाटर कूलर बंद पड़े थे जिसमें पानी की सप्लाई ना के बराबर हो रही थी। कुछ वाटर कूलर के पाइप पीछे से टूटे हुए मिले। वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड से वाटर कूलर बंद होने की वजह पूछी गई तो सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कोई इसका पाइप तोड़कर ले गया है जिस वजह से इसमें पानी नहीं आता। यह वाटर कूलर काफी दिन से बंद पड़ा है। वहां पहुंचने वाले मरीज और उनके तीमारदार पानी खरीद कर पीने को मजबूर हैं। 

एम एस डॉ विनोद कुमार ने संबंधित विभाग पीडब्लूडी के उच्च अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए और कहा इस गर्मी के मौसम में पानी मनुष्य की पहली प्राथमिकता है, जो कि हर हाल में पूरी की जानी  चाहिए। साथ ही वार्ड का भी निरीक्षण किया गया। वार्ड में कुछ शौचालय के अंदर पानी ना आने संबंधी लगातार शिकायतें मिल रही थी जिसमें वाटर सप्लाई देख रहे टेक्नीशियन ने सफाई देते हुए बताया कि गर्मी होने के कारण पानी जल्दी खत्म हो जाता है और खत्म होने की शिकायत पर तुरंत चालू किया जाता है। कुछ वार्ड  में पंखे भी बंद पाए गए जिन्हें जल्द ही सर्विस किया जाने के निर्देश दिए गए।



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