ग़ाज़ियाबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हरनंदी महानगर द्वारा रविवार, 26 अप्रैल 2026 को "शारीरिक प्रधान कार्यक्रम" प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। हरनंदी महानगर मुख्य रूप से 4 भागों और 15 नगरों में संरचित है। आज के कार्यक्रम में सभी 15 नगरों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और किसी एक मुख्य शारीरिक विषय का चयन कर अपना प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के समापन पर विश्लेषण समिति द्वारा सभी प्रदर्शनों का मूल्यांकन किया गया। जिसके आधार पर इंदिरापुरम पश्चिम प्रथम, इंदिरापुरम मध्य द्वितीय और ओम नगर तृतीय स्थान पर विजयी रहे। यह कार्यक्रम सायंकाल 4:00 बजे से 7:00 बजे तक कार्ल हूबर स्कूल, प्लॉट नं. 4ए, सेक्टर-62, नोएडा (खोड़ा) में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता शिव कुमार (प्रान्त कार्यवाह) ने अपने उद्बोधन में कहा, "आपने कोई प्रशिक्षण नहीं लिया, लेकिन तैयारी की; तैयारी भी अपने मन से की और श्रद्धा और समर्पण के साथ की, इसलिए आपके कार्यक्रम बहुत ही अच्छे और योग्य रहे। श्रद्धा मान देती है, नम्रता ज्ञान देती है, योग्यता स्थान देती है; तो सभी आयु वर्ग ने एक साथ इन तीनों बातों को निश्चित रूप में यहाँ पर संकलित किया है। और यह संचलन जब प्रांत में इसका आलोकन जाएगा, तो हम भी गर्व से कहेंगे कि ऐसे कार्यक्रम में जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जहाँ के सभी आयु वर्ग के स्वयंसेवकों ने सभी कार्यक्रमों को एक समान रूप से पूर्ण किया, चाहे वे शारीरिक प्रदर्शन थे या समूह गान।"
उन्होंने आगे कहा, "आपने बहुत अच्छी तैयारी की। आपके शिक्षकों और प्रमुखों ने संयुक्त रूप से जो योजना बनाई, उस योजना को फलीभूत किया। दंड का भी बहुत अच्छा प्रदर्शन एक नगर ने किया। चतुर्थ को सिखाते-सिखाते प्रथम वर्ष बीत जाता है, द्वितीय वर्ष बीत जाता है, तृतीय वर्ष में नागपुर जाते हैं तब समझ में आता है; तो यह आपने यहाँ इतनी सरलता, एकाग्र भाव और एकरूपता से किया, यह बहुत अच्छी बात है। ऐसे ही अभी हमने देखा, कई प्रकार के प्रयोग किए गए। एक और गण का अपना प्रदर्शन था, जिसने बहुत अच्छे और सुंदर भागदौड़ के खेल दिखाए। यह शारीरिक प्रधान कार्यक्रम हमें अनुशासन सिखाते हैं, संस्कार सिखाते हैं और सभ्यता को एकरूपता में लाते हैं।"
शिव कुमार ने राष्ट्र निर्माण पर बल देते हुए कहा, "संघ देश और समाज के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं का एक संगठन है, जहाँ सब राष्ट्र निर्माण में अपनी-अपनी भूमिका निभाते हैं। शताब्दी वर्ष चल रहा है, जिसमें हम सबने समाज में फैली जाति-पाँति के भेद को दूर करने का संकल्प लिया है। हम कहते हैं - 'हिंदू-हिंदू भाई-भाई'। जैसे एक परिवार में अलग-अलग काम करने वाले सदस्य घर आकर एक हो जाते हैं, वैसी ही भावना हमें समाज में रखनी चाहिए। जाति व्यवस्था पूर्वजों ने बनाई है, यह सम्मान की बात हो सकती है लेकिन अभिमान नहीं होना चाहिए। इसमें भेदभाव या कुरीति की जगह नहीं होनी चाहिए। जब मन में 'मैं बड़ा और यह छोटा' का भाव आता है, तो वह अहंकार होता है।"
उन्होंने स्वयंसेवकों का आह्वान करते हुए कहा, "स्वयंसेवक के मन में कभी कोई अहम नहीं आना चाहिए। हम जिस क्षेत्र में भी काम करें - चाहे नौकरी, व्यापार या दुकानदारी - उसे पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ पूर्ण करें। जैसे अँधेरे कमरे में एक दियासलाई प्रकाश फैला देती है, वैसे ही हमारे प्रयत्न समाज की समस्याओं को दूर करेंगे। हरनंदी महानगर की टीम बहुत सुंदर परिश्रम कर रही है और कार्य को बस्ती स्तर तक ले गई है। गर्मी के बावजूद आपका यह अनुशासन जीवन में भी झलकना चाहिए। जब सब जगह संस्कारित कार्यकर्ता खड़े होंगे, तभी श्रेष्ठ भारत का निर्माण होगा और भारत पुनः विश्वगुरु के सिंहासन पर विराजेगा। समाज में फैली नशाखोरी जैसी कुरीतियों को दूर करने के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा ताकि सब भारत माता की जय बोलें और एकात्म भाव से रहें।"
कार्यक्रम में सभी स्वयंसेवक अपेक्षित थे। इस अवसर पर महानगर संघचालक प्रदीप कुमार, महानगर कार्यवाह अमरदीप एवं महानगर प्रचारक राजन सहित महानगर टोली के अन्य सदस्य और कार्यकर्ता व्यवस्था में उपस्थित रहे।









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