ब्यूरो चीफ मनोज कुमार दिल्ली: 

विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर जीटीबी चेस्ट क्लिनिक द्वारा राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत जीटीबी अस्पताल, दिलशाद गार्डन स्थित लाइब्रेरी कॉन्फ्रेंस हॉल में मेगा टीबी स्क्रीनिंग कैम्प एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय में टीबी की शीघ्र पहचान एवं समय पर उपचार को बढ़ावा देना था।

कैम्प के दौरान एआई-सक्षम हैंड-हेल्ड पोर्टेबल डिजिटल चेस्ट एक्स-रे मशीन के माध्यम से संदिग्ध टीबी रोगियों की सक्रिय स्क्रीनिंग की गई तथा स्थल पर ही बलगम जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। साथ ही ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, वजन एवं लंबाई की जांच भी की गई। 

इस दौरान मेडिकल ऑफिसर डॉ. दीपक राणा द्वारा स्क्रीनिंग कैम्प में मरीजों को चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया गया। रोगियों को पोषण परामर्श एवं पोषण सहायता भी उपलब्ध कराई गई।जनजागरूकता बढ़ाने हेतु टीबी विषय पर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। जिसमें टीबी के लक्षण, शीघ्र जांच, उपचार का पूर्ण पालन तथा सामाजिक कलंक को दूर करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान निक्षय मित्रों का सम्मान, टीबी चैंपियनों को ट्रॉफी वितरण तथा गरिमामयी अतिथियों द्वारा टीबी रोगियों को फूड बास्केट वितरण किया गया। 

इस अवसर पर सेंट स्टीफेंस एनजीओ, सुंदर नगरी द्वारा जागरूकता एवं पोषण सहायता से संबंधित प्रदर्शनी लगाई गई तथा डॉ रचना पंत के नेतृत्व में आयुर्वेद विभाग की सक्रिय सहभागिता रही।

एक टीबी विजेता (टीबी सर्वाइवर) ने अपनी प्रेरणादायक सफलता की कहानी साझा कर लोगों को समय पर जांच कराने एवं उपचार पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का आयोजन जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ जितेन्द्र शर्मा के पर्यवेक्षण में किया गया। कार्यक्रम का समन्वय एवं संचालन चेस्ट क्लिनिक सुपरवाइजर रविन्दर शर्मा द्वारा सुव्यवस्थित रूप से किया गया। जिसमें साधना, अशोक गुप्ता,  कुसुम एवं अन्य स्टाफ का सक्रिय सहयोग रहा।

कार्यक्रम में एसडीएम गोकलपुरी पूनम, सीडीएमओ उत्तर-पूर्व जिला डॉ संदीप गौतम, एसीडीएमओ डॉ. अंजना, डॉ. प्रवीण कुमार (एएमएस), जीटीबी अस्पताल, पूर्व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पुनीता हाकी, डॉ. नागर, सहित टीबी सुपरवाइजर्स, स्वास्थ्य कर्मी, आशा कार्यकर्ता, सामुदायिक स्वयंसेवक एवं आमजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय थीम “हाँ! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं –भारत के नेतृत्व में, जन-भागीदारी की शक्ति से” को सशक्त रूप से जन-जन तक पहुँचाया गया।




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