ग़ाज़ियाबाद। रविवार 28 जून। ग़ाज़ियाबाद के कोचिंग संचालकों के प्रमुख संगठन 'गाजियाबाद कोचिंग ओनर फोरम' द्वारा रविवार को इंदिरापुरम स्थित स्वर्ण जयंती पार्क में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। शाम 6:00 बजे से 7:00 बजे तक चली इस बैठक में शहर के सैकड़ों कोचिंग संचालकों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य हाल के दिनों में कोचिंग सेंटरों पर हो रही सीलिंग की कार्रवाई और उसका व्यावहारिक समाधान तलाशना था।

​बैठक में वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि अचानक हो रही सीलिंग की कार्रवाई से न केवल कोचिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, बल्कि आगामी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों का भविष्य भी अधर में लटक गया है।

​बैठक के मुख्य बिंदु और निर्णय:

​कानूनी व प्रशासनिक समाधान: फोरम के सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि नियमों का पालन करते हुए प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा जाएगा। इसके लिए जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेगा।

​सुरक्षा मानकों पर सहमति: 

फोरम ने स्पष्ट किया कि सभी कोचिंग संचालक छात्रों की सुरक्षा (जैसे फायर सेफ्टी और वेंटिलेशन) को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं और प्रशासन द्वारा तय किए गए जायज मानकों को पूरा करने के लिए तैयार हैं।

​एकजुटता की अपील: 

बैठक में सभी कोचिंग ओनर्स से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार की पैनिक स्थिति से बचें और फोरम के माध्यम से एकजुट होकर कानूनी दायरे में अपनी बात रखें।

​फोरम के प्रवक्ता का बयान: 

"हम प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हमारा अनुरोध है कि कोचिंग सेंटरों को नियमों को पूरा करने के लिए उचित समय दिया जाए। बिना किसी पूर्व नोटिस या विकल्प दिए सीधे सीलिंग करने से छात्रों की पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है। हम संवाद के जरिए एक सकारात्मक और स्थाई समाधान चाहते हैं।"

फोरम ने अंत में यह निर्णय लिया कि यदि जल्द ही प्रशासन की ओर से कोई राहत या सकारात्मक रुख नहीं दिखा, तो कोचिंग संचालक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें मुख्यमंत्री और उच्चाधिकारियों तक पहुंचाएंगे।



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