ब्यूरो चीफ दिनेश जमदग्नि:

ग़ाज़ियाबाद। 6 अगस्त 2026, गाजियाबाद उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अवधेश शर्मा ने नगर निगम की वर्तमान करवृद्धि प्रणाली और जोनल कार्यालयों में व्याप्त मनमानी व भ्रष्टाचार पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नगरायुक्त को एक तीखा पत्र सौंपा है। व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम के झूठे और आकर्षक वायदों के बीच शहर की आम जनता पिस रही है और जो लोग मजबूरीवश टैक्स जमा करने जा भी रहे है तो उनको बिल सही करने के नाम पर केवल धक्के खाने पड़ रहे हैं।

व्यापार मंडल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं को प्रमुखता से उठाया गया है:

भ्रष्टाचार की खिड़की और शोषण: 

शहर के जोनल कार्यालयों में मकान की आयु के नाम पर भ्रष्टाचार का एक नया द्वार खुल गया है। कर जमा करने पहुँच रहे शहरवासियों को केवल मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना मिल रही है।

स्वचालित सॉफ्टवेयर अपडेट की माँग: 

नगर निगम के पास करदाताओं का पुराना सारा डेटा उपलब्ध है। नगर निगम एक्ट के नियमों के अनुसार 20 वर्ष से पुराने भवनों पर 40% छूट अनिवार्य है। निगम को चाहिए कि वह तुरंत सॉफ्टवेयर अपडेट कर इस छूट को स्वतः करदाताओं के बिल में दर्ज करे, ताकि बिल सुधार के नाम पर हो रहे शोषण से राहत मिल सके।

20% छूट की तिथि बढ़ाई जाए:

जब तक नए सिरे से सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हो जाता और सरकार की ओर से बढ़ाई गई गृहकर दरों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक 20% छूट (रिबेट) की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जाए।

कार्यकुशलता दिखाने की अपील:

व्यापार मंडल ने नगरायुक्त से आग्रह किया है कि वे इस मुद्दे को अपनी प्रतिष्ठा या 'अहंकार' की लड़ाई न बनाएं, बल्कि शहरवासियों पर डाले जा रहे अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने के लिए अपनी कुशल कार्यक्षमता का परिचय दें।



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