ग़ाज़ियाबाद : संपादक बृजेश श्रीवास्तव। सोमवार 30 मार्च को ग़ाज़ियाबाद के समस्त 446 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापक-अभिभावक (पेरेंट्स-टीचर मीटिंग) का सफल आयोजन किया गया। इसी क्रम में पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय, बाग राणप, लोनी गाजियाबाद में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम 2025-26 के साथ-साथ पेरेंट्स-टीचर मीटिंग का भव्य आयोजन अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं अनुशासन के साथ सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्कर्ष कुमार (आईएएस, वर्ष 2026) उपस्थित रहे। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी लोनी सर्वेश कुमार, हरनूर कौर (निपुण सेल), कल्पना यादव (एआरपी), रीना (एआरपी), प्रधानाध्यापिका इमराना सिद्दीकी एवं विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
कार्यक्रम के दौरान अध्ययनरत विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित अधिकारियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया और पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया।
इस अवसर पर पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए अभिभावकों एवं शिक्षकों के समन्वय को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी बताया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास की आधारशिला है और प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना हम सभी का दायित्व है। वहीं उत्कर्ष कुमार (आईएएस) ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हर बच्चा असीम संभावनाओं से भरा हुआ है और सही मार्गदर्शन व निरंतर परिश्रम से वह अपने जीवन में उच्चतम लक्ष्य प्राप्त कर सकता है। खंड शिक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार ने विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच सुदृढ़ संवाद को बच्चों की सफलता का आधार बताया।
इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आगामी सत्र 2026-27 को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए गए। उन्होंने निर्देशित किया कि ग्राम स्तर पर प्रधानाध्यापक द्वारा आशा बहू, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं एएनएम के साथ संयुक्त बैठक कर 3 वर्ष से अधिक आयु के सभी बच्चों का आंगनवाड़ी केंद्र एवं बाल वाटिका में नामांकन सुनिश्चित किया जाए तथा 6 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक बच्चे का कक्षा-1 में प्रवेश कराया जाए। इसके अतिरिक्त कक्षा-5 उत्तीर्ण प्रत्येक बच्चे का कक्षा-6 में, कक्षा-8 उत्तीर्ण बच्चे का कक्षा-9 में तथा कक्षा-10 उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं का कक्षा-11 में नामांकन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
आगामी “स्कूल चलो अभियान 2026-27” को सफल बनाने के लिए उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक शासकीय कार्यक्रम न रहकर जन-आंदोलन का रूप ले, जिसमें आमजन, अभिभावक, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं विभिन्न विभागों का समन्वय स्थापित किया जाए। व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से प्रत्येक परिवार को प्रेरित किया जाए कि वह अपने बच्चों को न केवल विद्यालय भेजे, बल्कि 3 वर्ष से 18 वर्ष तक का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
अंततः यह आयोजन शिक्षा के प्रति जनजागरूकता, सहभागिता एवं जिम्मेदारी का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा, जिसने यह संदेश दिया कि जब प्रशासन, शिक्षक और अभिभावक एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तब हर बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की नींव और भी मजबूत हो जाती है।









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