प्रेम एक ऐसा भाव है जो हमारे जीवन को सार्थक और अर्थपूर्ण बनाता है। यह एक ऐसा जज्बा है जो हमें दूसरों के साथ जोड़ता है और हमारे जीवन को एक नए आयाम से परिचित कराता है। लेकिन क्या प्रेम को किसी विशेष दिन की जरूरत होती है? क्या वेलेंटाइन डे जैसे विशेष दिनों के बिना प्रेम का अस्तित्व नहीं हो सकता है?

वेलेंटाइन डे के अवसर पर, हम अक्सर प्रेम को एक विशेष दिन तक सीमित कर देते हैं। हम प्रेम के प्रतीक के रूप में फूल देते हैं, उपहार देते हैं, और अपने प्रियजनों के साथ समय बिताने की कोशिश करते हैं। लेकिन क्या यह प्रेम की वास्तविकता है? क्या प्रेम सिर्फ एक दिन के लिए होता है, या यह एक ऐसा भाव है जो हर दिन हमारे जीवन में मौजूद रहता है?

प्रेम के लिए हर दिन विशेष है। यह एक ऐसा भाव है जो हमें दूसरों के साथ जोड़ता है, जो हमें जीवन के छोटे-छोटे पलों में भी खुशी और संतुष्टि देता है। प्रेम के लिए किसी विशेष दिन की जरूरत नहीं होती है, बल्कि यह एक ऐसा जज्बा है जो हर दिन हमारे जीवन में मौजूद रहता है।

वेलेंटाइन डे जैसे विशेष दिनों का महत्व इसलिए नहीं है कि वे प्रेम को जन्म देते हैं, बल्कि इसलिए है कि वे हमें प्रेम के महत्व को याद दिलाते हैं। वे हमें अपने प्रियजनों के प्रति अपने प्यार और सम्मान को व्यक्त करने का अवसर देते हैं। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि प्रेम का असली महत्व इन विशेष दिनों में नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन में है।

इसलिए, हम प्रेम को एक विशेष दिन तक सीमित नहीं कर सकते।  हम प्रेम को अपने जीवन का एक हिस्सा बना सकते है ,जो हर दिन हमारे साथ रहे।  हम अपने प्रियजनों के प्रति अपने प्यार और सम्मान को व्यक्त करें, न केवल वेलेंटाइन डे पर, बल्कि हर दिन। क्योंकि प्रेम के लिए हर दिन विशेष है, और यह एक ऐसा भाव है जो हमारे जीवन को सार्थक और अर्थपूर्ण बनाता है।

(आलेख : विंदेश्वरी पाटनी ’बीना’ जी, पिथौरागढ़ (उत्तराखंड)

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