झंझारपुर: अनुमंडल क्षेत्र के अररिया संग्राम स्थित मिथिला हाट शनिवार को मैथिली अस्मिता, परंपरा और नारी शक्ति के रंगों से सराबोर नजर आया। मौका था सखी-बहिनपा मैथिलानी समूह द्वारा आयोजित चौथे अंतरराष्ट्रीय मिथिला सांस्कृतिक महासम्मेलन का। इस वर्ष की प्रभावशाली टैगलाइन “गाम बजा रहल अछि” ने हर मैथिल को अपनी जड़ों से जुड़ने का भावुक संदेश दिया।

दो दिवसीय महासम्मेलन में झिझिया नृत्य, मैथिली नृत्य-नाटिका, पारंपरिक गीत-संगीत, नुक्कड़ नाटक और नन्हे बच्चों की अरिपन प्रतियोगिता ने दर्शकों का मन मोह लिया। पहले दिन कैलेंडर विमोचन हुआ, वहीं दूसरे दिन प्रस्तावित “मिथिला भ्रमण” कार्यक्रम के जरिए मिथिला के पर्यटन, इतिहास और संस्कृति को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने की पहल की गई।

मधुबनी विधायक माधव आनंद ने कहा कि सखी-बहिनपा का यह प्रयास मिथिला की भाषा-संस्कृति के संरक्षण में मील का पत्थर है।

ब्रुसेल्स इंटरनेशनल पुलिस एकेडमी के डीजीपी अखिलेश कुमार झा ने इसे नारी सशक्तिकरण और मैथिलानी पहचान की मजबूत मिसाल बताया।

देश-विदेश से आई हजारों सखियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और पत्रकारों की मौजूदगी ने महासम्मेलन को ऐतिहासिक बना दिया। संस्थापिका आरती झा व उपाध्यक्ष छाया झा ने सक्रिय सखियों को सम्मानित किया।

42 हजार से अधिक मैथिलानियों और 170 से ज्यादा इकाइयों वाला सखी-बहिनपा आज विश्वभर में मिथिला की आवाज बन चुका है।

गाम बजा रहल अछि…




बिहार न्यूज ब्यूरो चीफ : प्रियंका झा 

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