मुरादनगर (गाजियाबाद)। शुक्रवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), असालतनगर, मुरादनगर में माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षताओं को विकसित करना तथा विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना रहा।

प्रशिक्षण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा–स्कूली शिक्षा (NCF-SE) 2023 विषय पर डॉ. तनुजा शर्मा  एवं डॉ. प्रताप ने सत्र लिया। करियर काउंसलिंग पर डॉ. उमा मिश्रा तथा बाल अधिकारों पर डॉ. सुधीर कुमार जायसवाल ने शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। इसके अतिरिक्त ICT एवं AI, व्यावसायिक कौशल, परख (PARAKH) सर्वेक्षण तथा समावेशी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम में डायट प्राचार्य ज्योति दीक्षित की गरिमामयी उपस्थिति रही। वरिष्ठ प्रवक्ता रेशम एवं पवन भाटी ने भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन किया।

प्रशिक्षण की प्रमुख विशेषता प्रतिभागी शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत समूह-आधारित प्रस्तुतियाँ एवं विद्यालय स्तरीय कार्ययोजनाएँ रहीं। शिक्षकों ने प्रशिक्षण में अर्जित ज्ञान को विद्यालयों में लागू करने के लिए व्यावहारिक योजनाएँ तैयार कीं। इनमें तकनीकी संसाधनों का उपयोग, विद्यार्थियों का करियर मार्गदर्शन, बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता, समावेशी शिक्षा तथा अधिगम स्तर में सुधार जैसे विषय शामिल रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षण को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना तथा शिक्षकों को शैक्षिक नवाचारों के माध्यम से विद्यालयों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना रहा। प्रशिक्षण का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि शिक्षक अर्जित ज्ञान एवं कौशल को विद्यालयों में लागू कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में योगदान देंगे।



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