ब्यूरो चीफ दिनेश जमदग्नि: 

ग़ाज़ियाबाद। श्री धार्मिक रामलीला समिति, कविनगर, गाजियाबाद को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है।

डिप्टी रजिस्ट्रार, चिट एण्ड फण्ड द्वारा दिनांक 04.07.2026 को समिति में वित्तीय अनियमितताओं एवं हिसाब न देने के कारण रोक लगा दी गई थी, जिसे दिनांक 10.07.2026 को अग्रिम तिथि तक स्थगित कर दिया गया। इस आदेश से क्षुब्ध होकर दोनों पक्षों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट याचिका संख्या 20696/2017 व 28833/2026 दाखिल की गई, जो वर्तमान में विचाराधीन है।

रामलीला का मंचन सुचारु रूप से हो सके, इस उद्देश्य से जिलाधिकारी गाजियाबाद द्वारा दिनांक 22.09.2026 को बैठक कर दिनांक 30.09.2026 को पत्र संख्या 2505 / एस0टी0-डी0एम0 / रामलीला समिति / 2026 के द्वारा एक 3+6 सदस्यीय समन्वय समिति का गठन किया गया था। जिसमें -

1. अपर जिलाधिकारी (नगर) - अध्यक्ष 2. मुख्य कोषाधिकारी, गाजियाबाद - सदस्य 3. वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा - सदस्य तथा 6 अन्य सदस्य के रूप में विपुल शर्मा, पवन कुमार गुप्ता, अजय जैन, रामगोपाल शर्मा, संजय कुमार एवं देवराज सिंह को शामिल किया गया था।

जिलाधिकारी कार्यालय के आदेश में स्पष्ट था कि समन्वय समिति का उद्देश्य मात्र समितियों के मध्य समन्वय स्थापित करना है, न कि किसी प्रकार की जांच या हस्तक्षेप, और यह व्यवस्था केवल इस वर्ष के आयोजन के लिए है।

इस्तीफे का कारण:

समन्वय समिति में शामिल आजीवन सदस्यों का आरोप है कि 30 सितम्बर से आज 07 अक्टूबर तक -

1. समन्वय समिति की एक भी बैठक नहीं बुलाई गई। 

2. रामलीला की कोई तैयारी नहीं की गई, न कोई हिसाब-किताब दिया गया। 

3. वित्तीय अनियमितताओं में लिप्त बताई जा रही पुरानी रामलीला कमेटी के सदस्य ही पूर्ण रूप से रामलीला का संचालन कर रहे हैं और जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं। 

4. इस पर प्रशासन द्वारा कोई रोक नहीं लगाई गई, जिससे समन्वय समिति का उद्देश्य ही नष्ट हो गया है। 

इन्हीं कारणों से आक्रोशित होकर 7 अक्टूबर 2026 को पूर्व महामंत्री रामगोपाल शर्मा, सदस्य संजय कुमार, एडवोकेट देवराज सिंह पुत्र स्व. शिव राजपाल सिंह ने अपर जिलाधिकारी (नगर)/अध्यक्ष समन्वय समिति को इस्तीफा देते हुए कहा कि "हमें आज तक न तो बुलाया गया, बल्कि दुर्भावनापूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। हम धोखाधड़ी/घोटाला करने वाली समिति में शामिल नहीं हो सकते। इसके बाद समिति द्वारा किये गये किसी भी कार्य से हमारा कोई सम्बन्ध नहीं है।"

सभी इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने इस्तीफा स्वीकार करने की मांग की है।



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