अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से लेकर हरनन्दीपुरम की विशाल आवासीय योजना तक—आवास, रोजगार, निवेश, अवस्थापना, खेल एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी

ग़ाज़ियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की 174वीं बोर्ड बैठक बृहस्पतिवार 24 सितम्बर 2026 को आयुक्त मेरठ मण्डल एवं बोर्ड के अध्यक्ष भानु चन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के कॉन्फ्रेंस हॉल में सम्पन्न हुई। इस  बैठक में  जिलाधिकारी गाजियाबाद रविन्द्र कुमार मांदड़, जिलाधिकारी हापुड़ कविता मीना, उपाध्यक्ष जीडीए नंद किशोर कलाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मालिक, संयुक्त निदेशक कोषागार एवं पेंशन मेरठ मंडल सतीश कुमार, प्रतिनिधि CTCP एंड चीफ कोऑर्डिनेटर प्लानर NCR सेल ग़ाज़ियाबाद विशाल भारती, क्षेत्रीय प्रबंधक UPSIDA प्रदीप कुमार सत्यार्थी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्राधिकरण बोर्ड के नामित सदस्य केशव त्यागी एवं पवन गोयल उपस्थित रहे।

बैठक में गाजियाबाद के वर्तमान एवं भावी शहरी विकास को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के उपरान्त बैठक में प्रस्तुत प्रस्तावों पर बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से अपनी स्वीकृति प्रदान करते हुए मुहर लगाई गई। बैठक के एजेंडे में आवासीय योजनाओं, बड़े टाउनशिप विकास, भू-उपयोग परिवर्तन, औद्योगिक विकास, प्राधिकरण की संपत्तियों के बेहतर उपयोग, अवस्थापना सुविधाओं तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषय सम्मिलित रहे।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से गाजियाबाद को मिलेगी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान, खेल के साथ बढ़ेंगे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर: - 

174वीं बोर्ड बैठक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रस्ताव में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के स्वामित्व वाली भूमि को Land Pooling के माध्यम से प्राप्त किए जाने तथा स्टेडियम निर्माण के लिए Draft MOU एवं Feasibility Report से संबंधित कार्यवाही शामिल थी। प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श के उपरान्त बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम के विकसित होने से गाजियाबाद को एक बड़ी खेल सुविधा प्राप्त होने के साथ-साथ शहर की पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिलने की संभावना है। बड़े खेल आयोजनों के दौरान खिलाड़ियों, दर्शकों, मीडिया एवं अन्य आगंतुकों की आवाजाही बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, स्थानीय व्यापार, हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन तथा अन्य सेवा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

इसके साथ ही खेल से जुड़े प्रशिक्षण, स्थानीय खेल प्रतिभाओं को अवसर, विभिन्न सहायक सेवाओं तथा आयोजन प्रबंधन से जुड़े रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं। इस दृष्टि से प्रस्तावित स्टेडियम को केवल खेल परिसर के रूप में नहीं, बल्कि गाजियाबाद की अर्थव्यवस्था, शहरी पहचान और भविष्य की गतिविधियों को गति देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा सकता है।

हरनन्दीपुरम—501.2173 हेक्टेयर में विकसित होने वाली नई आवासीय योजना से गाजियाबाद के भविष्य के आवासीय विस्तार को मिलेगी नई दिशा: -

बोर्ड बैठक में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की नई आवासीय योजना ‘हरनन्दीपुरम’ से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। योजना का प्रस्तावित कुल क्षेत्रफल 501.2173 हेक्टेयर है। प्रथम चरण में ग्राम भोवापुर एवं शाहपुर निज मोरटा में प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहीत 47.1612 हेक्टेयर भूमि में से 24.1213 हेक्टेयर भूमि के भू-उपयोग को महायोजना-2031 में ‘कृषि’ से ‘आवासीय’ किए जाने से संबंधित प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के उपरान्त बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।

योजना के प्रथम चरण का तलपट मानचित्र लगभग 49.62 हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए तैयार किया गया है। सड़क चौड़ीकरण, जोनल रोड एवं अन्य आवश्यक प्रावधानों के बाद लगभग 25.40 हेक्टेयर नेट स्कीम एरिया में आवासीय, व्यावसायिक व अन्य सुविधाओं को सम्मिलित किया गया है। इस नेट क्षेत्रफल में लगभग 50.18 प्रतिशत आवासीय, 6.30 प्रतिशत वाणिज्यिक, 5.46 प्रतिशत सामुदायिक सुविधाएं, 7.42 प्रतिशत क्षेत्रीय मनोरंजन/ग्रीन तथा 30.66 प्रतिशत यातायात के लिए प्रावधान दर्शाया गया है।

योजना में आवासीय उपयोग के साथ-साथ वाणिज्यिक क्षेत्र, सामुदायिक सुविधाएं, सामाजिक सुविधाएं, हरित एवं मनोरंजन क्षेत्र तथा यातायात के लिए पर्याप्त स्थान प्रस्तावित किया गया है। इस प्रकार हरनन्दीपुरम केवल आवासीय कॉलोनी के रूप में नहीं, बल्कि आवास एवं आवश्यक नगरीय सुविधाओं को एक साथ विकसित करने वाली योजनाबद्ध शहरी इकाई के रूप में आकार लेगी।

इंदिरापुरम में 5,965.29 वर्गमीटर भूमि का आवासीय उपयोग—विकसित क्षेत्र में बढ़ती आवासीय मांग को मिलेगा समर्थन: - 

बोर्ड बैठक में इन्दिरापुरम योजना के शक्तिखण्ड-4 स्थित होटल भूखंड संख्या SK-IV-01, क्षेत्रफल 5,965.29 वर्गमीटर के भू-उपयोग को ‘होटल (व्यावसायिक)’ से ‘आवासीय (ग्रुप हाउसिंग)’ में परिवर्तित करने तथा तलपट मानचित्र में आंशिक संशोधन से संबंधित प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। चर्चा के बाद बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

इन्दिरापुरम जैसे पूर्ण विकसित एवं उच्च आवासीय मांग वाले क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का आवासीय उपयोग किए जाने से आवासीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे विकसित शहरी क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का अधिक उपयोगी एवं आवश्यकता आधारित नियोजन संभव होगा तथा आवासीय इकाइयों की उपलब्धता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

कोयल एन्क्लेव एवं इन्द्रप्रस्थ में आवासीय विकल्पों का विस्तार—प्लॉटेड डेवलपमेंट से नागरिकों को मिलेंगे अधिक लचीले आवासीय विकल्प: - 

बोर्ड एजेंडे में कोयल एन्क्लेव आवासीय योजना के ग्रुप हाउसिंग भूखंडों के उपयोग को प्लॉटेड डेवलपमेंट में परिवर्तित करने से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। इनमें एक प्रमुख भूखंड का क्षेत्रफल 12,868.88 वर्गमीटर तथा दूसरा 2,020 वर्गमीटर है।

इसी क्रम में इन्द्रप्रस्थ आवासीय योजना के भूखंड संख्या GH-08, क्षेत्रफल 4,353 वर्गमीटर के संबंध में भी ग्रुप हाउसिंग के स्थान पर प्लॉटेड डेवलपमेंट—एकल/बहु-आवासीय इकाइयों—की अनुमति से संबंधित तलपट मानचित्र संशोधन के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। विस्तृत विचार-विमर्श के उपरान्त इन प्रस्तावों को भी बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।

इन क्षेत्रों में आवासीय विकास को स्थानीय परिस्थितियों एवं उपलब्ध अवस्थापना के अनुरूप अधिक व्यवहारिक बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। विशेष रूप से कम ऊंचाई वाले आवासीय विकास से उन नागरिकों के लिए विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं जो बहुमंजिला अपार्टमेंट के स्थान पर स्वतंत्र अथवा कम ऊंचाई वाले आवासीय विकल्प पसंद करते हैं।

वेव सिटी में भूमि उपयोग का बेहतर नियोजन—आवासीय एवं व्यावसायिक विकास के साथ सुविधाओं का विस्तार: -

बैठक में वेव सिटी के स्वीकृत तलपट मानचित्र से संबंधित प्रस्ताव पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इसमें सेक्टर-1 के लगभग 8,035.44 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले PSP भूखंड तथा लगभग 14,756.86 वर्गमीटर के कमर्शियल भूखंड से संबंधित भू-उपयोग परिवर्तन का विषय शामिल था। प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के उपरान्त बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।

भूमि उपयोग में आवश्यक संशोधन एवं वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप नियोजन से विकसित क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का अधिक प्रभावी उपयोग संभव होगा। इससे भविष्य में वाणिज्यिक गतिविधियों, सार्वजनिक सुविधाओं और सहायक शहरी सेवाओं के विकास को बेहतर आधार मिलेगा।

सनसिटी के बड़े टाउनशिप विकास को मिलेगी नियोजित गति—2,420.11 एकड़ के व्यापक क्षेत्र में चरणबद्ध विकास का आधार: -

174वीं बोर्ड बैठक में ‘सनसिटी’ टाउनशिप के संशोधित क्षेत्रफल 2,420.11 एकड़ की DPR के अंतर्गत प्रथम चरण में 589.02 एकड़ क्षेत्रफल के तलपट मानचित्र की स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। चर्चा के बाद बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

इतने बड़े क्षेत्र में नियोजित टाउनशिप विकास का प्रभाव केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा। इसके साथ सड़क, जल निकासी, हरित क्षेत्र, सामुदायिक सुविधाएं, वाणिज्यिक गतिविधियां एवं अन्य नगरीय सेवाओं का चरणबद्ध विकास संभव होगा।

हसनपुर लोढ़ा में 13.1568 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक विकास की दिशा में—MSME एवं रोजगार के अवसरों को मिलेगा प्रोत्साहन: -

बोर्ड एजेंडे में ग्राम हसनपुर लोढ़ा, तहसील धौलाना, जनपद हापुड़ की कुल 13.1568 हेक्टेयर भूमि को ‘कृषि’ से ‘औद्योगिक’ भू-उपयोग में परिवर्तित किए जाने के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत था। चर्चा के उपरान्त बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

औद्योगिक उपयोग के लिए नियोजित भूमि उपलब्ध होने से क्षेत्र में MSME गतिविधियों, निवेश एवं रोजगार को बढ़ावा देने का आधार तैयार हो सकेगा।

शाहपुर बम्हैटा में सनराइज ग्रीन इंटीग्रेटेड टाउनशिप—संशोधित DPR के माध्यम से विकास को मिलेगी व्यवहारिक दिशा: - 

बोर्ड बैठक में शाहपुर बम्हैटा स्थित सनराइज ग्रीन इंटीग्रेटेड टाउनशिप की पूर्व स्वीकृत 300 एकड़ की DPR को संशोधित कर लगभग 252.32 एकड़ क्षेत्रफल के लिए पुनरीक्षित DPR को स्वीकृति दिए जाने से संबंधित प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के बाद बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

संशोधित DPR के माध्यम से क्षेत्र की वास्तविक विकास क्षमता, उपलब्ध भूमि तथा नियोजन आवश्यकताओं के अनुरूप टाउनशिप के विकास को आगे बढ़ाने का आधार मिलेगा।

मधुबन-बापूधाम में निर्माणाधीन 198 दो-BHK आवासीय भवनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: -

गाजियाबाद की महत्वपूर्ण विकसित योजनाओं में शामिल मधुबन-बापूधाम योजना के अंतर्गत भूखंड संख्या GH-2 पार्ट पर निर्माणाधीन 198 दो-BHK भवनों से संबंधित प्रस्ताव पर भी बोर्ड में विस्तृत चर्चा की गई। इसमें परियोजना का मूल्यांकन कराकर ‘जैसा है जहां है’ के आधार पर ई-नीलामी किए जाने की दिशा में विचार किया गया। विस्तृत चर्चा के उपरान्त बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

इस पहल से पहले से निर्मित आवासीय परिसंपत्ति का बेहतर उपयोग संभव होगा। साथ ही ई-नीलामी के माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध आवासीय संपत्तियों तक पहुंच का अवसर मिल सकता है और प्राधिकरण की परिसंपत्तियों का प्रभावी आर्थिक उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

गाजियाबाद के समग्र एवं भविष्य उन्मुख विकास की मजबूत आधारशिला: - 

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की 174वीं बोर्ड बैठक में प्रस्तुत विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा एवं गहन विचार-विमर्श के उपरान्त सर्वसम्मति से बोर्ड की मुहर लगना शहर के नियोजित एवं समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हरनन्दीपुरम जैसी नई आवासीय योजना भविष्य की आवासीय आवश्यकताओं के लिए नियोजित आधार तैयार करेगी, इन्दिरापुरम, कोयल एन्क्लेव एवं इन्द्रप्रस्थ में भूमि का बेहतर उपयोग आवासीय विकल्पों को बढ़ाएगा, सनसिटी एवं सनराइज ग्रीन जैसी बड़ी टाउनशिप परियोजनाएं शहर के विस्तार को योजनाबद्ध स्वरूप देंगी, औद्योगिक उपयोग से रोजगार एवं निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा और प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम गाजियाबाद को खेल के साथ-साथ पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, व्यापार एवं सेवा क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का आधार बनेगा। इस प्रकार 174वीं बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से स्वीकृत प्रस्ताव गाजियाबाद को अधिक व्यवस्थित, आधुनिक, सुविधायुक्त, आर्थिक रूप से सक्रिय और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदम सिद्ध होंगे।



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