निवासियों की शिकायत पर प्रशासन सख्त, CAM चार्जेस और मेंटेनेंस फैसलों पर उठे सवाल

ग़ाज़ियाबाद। इंदिरापुरम न्यायखंड-1 स्थित सुपरटेक आइकॉन सोसाइटी में RWA और मेंटेनेंस एजेंसी YG Estate की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोसाइटी के निवासियों द्वारा की गई शिकायतों के बाद नगर मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद कार्यालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

नगर मजिस्ट्रेट द्वारा जारी पत्र (दिनांक 04 अप्रैल 2026) में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA), पुलिस प्रशासन एवं फर्म सोसाइटी/रजिस्ट्रार को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि सुपरटेक आइकॉन सोसाइटी में YG Estate एवं कालातीत (Ended Term) RWA द्वारा लिए गए निर्णयों और CAM शुल्क वृद्धि से जुड़े मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि निवासियों द्वारा 02 अप्रैल 2026 को प्रस्तुत शिकायत में YG Estate और वर्तमान RWA की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें बिना सहमति फैसले लेना, मनमाने ढंग से CAM चार्जेस बढ़ाना और सोसाइटी के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े निर्णय बिना पूर्व सूचना लागू करना शामिल है।

प्रशासन ने पूर्व में जारी आदेश (दिनांक 17 अक्टूबर 2025) का भी हवाला दिया है, जिसमें सोसाइटी की समस्याओं—जैसे मेंटेनेंस, बिजली (NPCL), लिफ्ट, और अन्य जन सुविधाओं—के समाधान हेतु टास्क फोर्स के गठन की बात कही गई थी।

निवासियों का आरोप है कि सोसाइटी में एक निश्चित पैटर्न के तहत पहले निर्णय लागू किए जाते हैं और बाद में उन्हें “विकास कार्य” बताकर उचित ठहराया जाता है। हाल ही में बिना पूर्व सूचना के संरचनात्मक बदलाव, जैसे दीवार तोड़ना और बेसमेंट में हस्तक्षेप, ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

इसके अलावा, निवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि जो लोग इन फैसलों का विरोध करते हैं, उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया जाता है और मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की जाती है।

निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि: -

अवैध रूप से बढ़ाए गए CAM चार्जेस पर तत्काल रोक लगाई जाए

सभी वित्तीय और प्रशासनिक निर्णयों की निष्पक्ष जांच हो

सोसाइटी में पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से RWA चुनाव कराए जाएं।

नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय द्वारा संबंधित अधिकारियों से की गई इस कार्रवाई की अपेक्षा ने निवासियों में उम्मीद जगाई है कि जल्द ही इस विवाद का निष्पक्ष समाधान निकलेगा।

निवासियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती, वे एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहेंगे।



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