80 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले दिव्यांगजन भी मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल हेतु होंगे चिन्हित
ग़ाज़ियाबाद। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँड़द की पहल पर जनपद के दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार के निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 13 जुलाई से 17 जुलाई, 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक जनपद के विभिन्न स्थानों पर चिन्हांकन शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का आयोजन भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (ALIMCO) के सहयोग से किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि शिविरों में पात्र दिव्यांगजनों का मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, सामान्य ट्राइसाइकिल, इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर, सामान्य व्हीलचेयर, कृत्रिम हाथ एवं पैर, कैलीपर्स, बैसाखी, वॉकर, स्मार्ट केन (सेंसर स्टिक), श्रवण यंत्र (कान की मशीन), ब्रेल किट, एमआर किट, लेप्रोसी किट सहित विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरणों हेतु चिन्हांकन किया जाएगा।
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि 80 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले पात्र दिव्यांगजनों का भी सीएसआर (CSR) फंड के माध्यम से मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल हेतु चिन्हांकन किया जाएगा। साथ ही 60 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र दिव्यांगजनों का इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर हेतु भी चिन्हांकन किया जाएगा।
शिविर का कार्यक्रम
-13 जुलाई – नगर पालिका परिषद, लोनी
-14 जुलाई – विकास खण्ड परिसर, भोजपुर
-15 जुलाई – विकास खण्ड परिसर, मुरादनगर
-16 एवं 17 जुलाई – विकास भवन परिसर, गाजियाबाद
मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल हेतु पात्रता: -
-आयु 16 वर्ष या उससे अधिक हो।
-दोनों हाथ कार्यशील हों।
दृष्टि एवं मानसिक स्थिति सामान्य हो।
-कमर का निचला भाग मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल संचालन हेतु सक्षम हो।
-पिछले 5 वर्षों में मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्राप्त न की हो
आवश्यक डाॅक्यूमेंट: -
-आधार कार्ड
-यूडीआईडी कार्ड/दिव्यांगता प्रमाण पत्र
-आय प्रमाण पत्र
-एक पासपोर्ट आकार का नवीनतम फोटो
आय प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी द्वारा ऑनलाइन प्रारूप पर निर्गत होना चाहिए तथा तीन वर्ष से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र के आवेदकों के लिए ग्राम प्रधान के लेटरपैड पर तथा शहरी क्षेत्र के आवेदकों के लिए वार्ड सदस्य/सभासद के लेटरपैड पर प्रमाणित आय भी मान्य होगी।
आय सीमा: -
ग्रामीण क्षेत्र – वार्षिक आय ₹46,080 तक।
शहरी क्षेत्र – वार्षिक आय ₹56,460 तक।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँड़द ने समस्त खंड विकास अधिकारियों, नगर आयुक्त, अधिशासी अधिकारियों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों को निर्देश दिए हैं कि शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से, मुख्य चिकित्साधिकारी को आशा एवं एएनएम के माध्यम से तथा जिला पंचायत राज अधिकारी को पंचायत सहायकों एवं ग्राम प्रधानों के माध्यम से अधिकाधिक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि जनपद का प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन इस शिविर का लाभ प्राप्त कर सके।
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी पात्र दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर आवश्यक अभिलेखों सहित उपस्थित होकर अपना चिन्हांकन अवश्य कराएं तथा शासन द्वारा संचालित इस जनकल्याणकारी अभियान का अधिकतम लाभ प्राप्त करें।



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