अफसर अब ऑनलाइन होंगे Live, जनता को दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे
आगरा। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और अधिकारियों की लापरवाही पर लगाम कसने के लिए बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब हर दिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक अधिकारी अपने कैमरे ऑन करके ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे। यदि कोई अधिकारी इस समय कैमरा बंद पाया गया, तो उसका वेतन काटा जाएगा। डीएम ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि अब कोई भी शिकायतकर्ता दफ्तर के चक्कर न लगाए। इस पूरी व्यवस्था की लाइव मॉनिटरिंग खुद डीएम करेंगे।
क्या हैं डीएम के निर्देश?
- "10 से 12, जनता के नाम".– हर ब्लॉक, तहसील और जिला स्तरीय अधिकारी इस समय ऑनलाइन रहेंगे और जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे।
- पंचायत सचिव अब घर-घर जाकर करेंगे मदद– डीएम ने शिकायतकर्ताओं को दफ्तर बुलाने पर नाराजगी जताई है। पंचायत सचिव अब सीधे गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और उनका निस्तारण करेंगे।
लापरवाह अधिकारियों पर शिकंजा: -
जनता दर्शन में गायब रहने वाले अफसरों पर गाज – डीएम ने साफ कहा है कि अब बहाने नहीं चलेंगे। जो अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
- पेंशन, स्कॉलरशिप और आरटीई मामलों में लापरवाही पर रिपोर्ट मांगी – आरटीई के तहत एडमिशन नहीं देने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं।
- स्वास्थ्य विभाग को चेतावनी – डीएम ने अस्पतालों में साफ-सफाई और कर्मचारियों के व्यवहार में सुधार लाने के सख्त आदेश दिए हैं। जन औषधि केंद्रों पर दवाओं की कमी मिलने पर भी कार्रवाई होगी।
डिजिटल निगरानी से बदलेगा काम का तरीका: -
डीएम मनीष बंसल के इस फैसले से प्रशासन में एक नई व्यवस्था लागू होगी, जहां आईजीआरएस (IGRS) शिकायतों पर असंतुष्टि मिलने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। डीएम का स्पष्ट संदेश है कि जनता की शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



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