पुनीत माथुर। उत्तराखंड के चमोली जिले के गोपेश्वर गांव के बाल कवि तिवारी ’पहाड़ी’ छोटी उम्र से गढ़वाली भाषा में कविताएं लिखते एवं मंच पर पाठ करते हैं।
मात्र 13 वर्ष की उम्र में श्री रामचंद्र भट्ट सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के 9वीं कक्षा के छात्र बाल कवि कार्तिक तिवारी ’पहाड़ी’ ने अपनी गढ़वाली भाषा में लिखी कविता की प्रस्तुति ”वसंत उत्सव” में राज्यपाल निवास ”लोक भवन” में प्रस्तुति दी जिसको सुनकर श्रोता मंत्रमुक्त हो गए और कार्तिक के उज्जवल भविष्य की कामना की।
सुनें उनकी गढ़वाली कविता...


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