नई दिल्ली। देशभक्ति और शहीदों के सम्मान के मुद्दे को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश शर्मा ने राजधानी दिल्ली में 'एक शाम, शहीदों के नाम' कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने भारत के महान क्राँतिकारियों- भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को आधिकारिक रूप से 'शहीद' का दर्जा देने की माँग को प्रमुखता से उठाया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी देखने को मिली। देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों और वक्तव्यों के बीच दिनेश शर्मा ने कहा, "देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों को आज भी वह सरकारी मान्यता नहीं मिल पाई है, जिसके वे हकदार हैं। यह केवल इतिहास का नहीं, बल्कि देश के आत्मसम्मान का प्रश्न है।"

उन्होंने यह भी माँग रखी कि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान और विचारों से प्रेरणा मिल सके।

कार्यक्रम के जरिए दिनेश शर्मा ने युवाओं से आगे आकर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल भावनाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे सामाजिक जिम्मेदारी और सक्रिय भागीदारी में बदलना होगा।

'एक शाम, शहीदों के नाम' केवल एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन की शुरुआत के रूप में सामने आया, जिसमें शहीदों के सम्मान, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय मूल्यों को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।



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