ब्यूरो चीफ मनोज कुमार: 

नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले ही कुख्यात गैंगस्टर सत्यप्रकाश उर्फ सत्ते को दबोच लिया। पुलिस का दावा है कि सत्ते अपने विरोधी बदमाश अमित की हत्या की साजिश रच रहा था और मौके की तलाश में घूम रहा था। पुलिस सूत्रो ने बताया कि वह अपने घर में सट्टा चला रहा था, जिसके तहत कुछ महीने पहले उसकी पत्नी को अरेस्ट किया गया था, जबकि सत्ते फरार था। इस पर हत्या, डकैती, लूट और एक्सटॉर्शन के करीब 90 केस हैं। गिरफ्तारी के साथ ही एक विदेशी पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। 

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी जिला की स्पेशल स्टाफ टीम को पुख्ता इनपुट मिला था कि नंद नगरी थाने का घोषित बदमाश सत्ते इलाके में सक्रिय है और किसी बड़ी वारदात की फिराक में है। सूचना के आधार पर स्पेशल स्टाफ एनईडी के इंचार्ज इंस्पेक्टर धीरज कुमार के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। जिसमें एसआई कौशिक घोष, एएसआई अमित त्यागी, एएसआई अमित मान, हेड कांस्टेबल आमिर शामिल थे। टीम ने 17 मार्च की रात करीब 10:40 बजे ताहिरपुर के जयहिंद कुष्ठ आश्रम के पास घेराबंदी कर एक स्कॉर्पियो गाड़ी से उसे दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह अपने प्रतिद्वंदी अमित की हत्या की योजना बना चुका था। इसके बाद पुलिस उसे लेकर उसके ठिकाने पर पहुंची, जहां स्टोर रूम में कूलर के पीछे छिपाकर रखी गई विदेशी पिस्टल बरामद की गई। मैगजीन में चार जिंदा कारतूस मिले। मामले में नंद नगरी थाने में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

जांच में सामने आया कि सत्ते का आपराधिक सफर काफी लंबा और खौफनाक रहा है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला है और शुरुआती दिनों में जेबकतरी करता था। बाद में उसने अपना गैंग खड़ा कर कैश वैन लूट जैसी वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। वर्ष 2019 में केरल में महज चार घंटे के भीतर सात लूट की वारदातों में भी उसका नाम सामने आया था, जिसके बाद केरल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने उस पर मकोका भी लगाया था, हालांकि वह बाद में बरी हो गया और पिछले साल ही जेल से बाहर आया था।

पुलिस के अनुसार, सत्ते कुख्यात बदमाश दिनेश गिरी के गैंग से भी जुड़ा रहा, जिसकी 2006 में नोएडा में एनकाउंटर में मौत हो गई थी। इसके बाद सत्ते ने खुद का गैंग खड़ा कर नंद नगरी इलाके में अपना दबदबा बना लिया। उस पर 2015 में अपने ही सहयोगी सोनू चिकना की हत्या का भी आरोप है और एक समय उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। फिलहाल, पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर उसके नेटवर्क, साथियों और संभावित वारदातों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।



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