नई दिल्ली : ब्यूरो चीफ दिनेश जमदग्नि। मंगलवार 23 जून को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में “Delimitation and the Question of Minority Representation” विषय पर एक महत्वपूर्ण जनता परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं बिहार के सह-प्रभारी शहनवाज आलम द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद, राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह सहित देश के अनेक वरिष्ठ नेता, सांसद, विधि विशेषज्ञ, पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता सलीम अहमद (सैफी) ने कहा कि परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया देश की राजनीतिक संरचना, सामाजिक न्याय और विभिन्न समुदायों की लोकतांत्रिक भागीदारी पर दूरगामी प्रभाव डालती है। विशेष रूप से अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्गों एवं वंचित समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर गंभीर एवं सार्थक विमर्श आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब समाज के प्रत्येक वर्ग को उसकी जनसंख्या, योगदान और संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप सम्मानजनक एवं न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व प्राप्त हो। न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि भारतीय संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों की आधारशिला है।
सलीम अहमद (सैफी) ने कहा कि इस महत्वपूर्ण विषय पर देश के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधि विशेषज्ञों, पत्रकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ विचार साझा करने का अवसर प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी रहा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि परिसीमन की प्रक्रिया में सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों और सभी वर्गों की समुचित भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे भारतीय लोकतंत्र और अधिक समावेशी एवं सशक्त बन सके।





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