ग़ाज़ियाबाद। रविवार 12 जुलाई 2026 को ऑरेंज काउंटी सोसायटी इंदिरापुरम के निवासियों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। सोसायटी में पिछले 7 वर्षों से चुनाव नहीं होने के कारण सभी निवासी नाराज़ हैं। उनकी मांग है कि अविलंब सोसायटी में चुनाव करवाए जाएं। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में निवासी एकत्रित हुए और अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अनिल जैन द्वारा गायत्री मंत्र का तीन बार पाठ करवा कर किया गया।

इस मौके पर सर्वप्रथम टावर-2 से रेणु बाला ने अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि उन्होंने किस प्रकार क्लब-18 को कालातीत पदाधिकारियों से मुक्त करवाया। उन्होंने कहा कि यह सब टावर-1 और टावर-2 के निवासियों की एकजुटता से ही संभव हो सका।

टावर-2 से ही डॉ. कल्पना ने बताया कि उनके ससुर जी को इसलिए धमकाया जा रहा है क्योंकि उनकी पुत्रवधू ने कालातीत पदाधिकारियों के गैर-कानूनी कार्यों का पुरजोर विरोध किया है। 


डॉ. कल्पना ने कहा "हम उनकी गीदड़ धमकियों से डरने वाले नहीं हैं"। इस पर उपस्थित सभी निवासियों ने तालियों से अभिनंदन किया और कहा "हम सब आपके साथ हैं"।

निवासी मनन कुमार ने बताया कि सोसायटी में फायर सिक्योरिटी की तरफ कालातीत पदाधिकारी बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। कभी भी कोई घटना हो जाए तो हमारी सोसायटी भगवान भरोसे है।

यहाँ के निवासी राजीव अजमेरा ने कहा कि कुछ साल पहले हमारी सोसायटी के रेट ATS सोसायटी से कहीं अधिक थे, परंतु अब हमारी सोसायटी की जर्जर हालत के चलते रेट ATS से काफी कम हो गए हैं।

डॉ अनुपम ऐरन, विनोद गौड़, जे.डी. शर्मा, के.सी. गर्ग, सीए अमित दुबे तथा पीयूष अग्रवाल ने कहा कि सोसायटी में जल्द से जल्द चुनाव होने चाहिए। इसके लिए कालातीत पदाधिकारियों को मुकदमा वापस लेना ही होगा, तभी जल्द चुनाव संभव हैं।

मनीष कुमार जिन्हें बड़ी बड़ी बिल्डिंग बनाने का बहुत अनुभव है, ने विस्तार से ऑरेंज काउंटी सोसायटी की खामियों को उजागर किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें दूर किया जा सकता है।

सीए अभिजीत ने बताया कि अभी तक कालातीत पदाधिकारियों ने आडिटीड बैलेंस शीट सोसायटी निवासियों को उपलब्ध नहीं करवाई है। ये लोग किस प्रकार स्टाफ को लाखों रुपए का भुगतान सामान खरीदने के लिए कर रहे हैं।

कार्यक्रम में पार्षद डॉ अनिल तोमर का अभिनंदन भी किया गया। जब कालातीत पदाधिकारियों को पता लगा कि पार्षद आ रहे हैं, तो उसी समय कर्नल सुशील शर्मा भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

एडवोकेट गगन गुप्ता ने विस्तार से बताया कि किस प्रकार कालातीत पदाधिकारी इलाहाबाद हाईकोर्ट में देरी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 13 जुलाई को कोर्ट में केस लगा हुआ है। यदि कालातीत पदाधिकारी सोसायटी में जल्दी चुनाव चाहते हैं तो अपने एडवोकेट को कहें कि वे बहस से भागें नहीं, जैसे बार-बार कोई न कोई बहाना बनाकर बहस से बच रहे हैं।  

गगन गुप्ता ने बताया कि एक महीने पहले कालातीत पदाधिकारी सोसायटी मेंटेनेंस बढ़ाना चाहते थे। परंतु जब मेंटेनेंस नहीं बढ़ा सके तो सोसायटी निवासियों को किस प्रकार परेशान किया गया। अब ऐसा क्या हो गया कि इन्होंने बिना मेंटेनेंस बढ़ाए स्टाफ का वेतन बढ़ा दिया।  

उन्होंने यह भी बताया कि सोसायटी की अथवा डिप्टी रजिस्ट्रार की सहमति के बिना सिक्योरिटी एजेंसी कैसे बदली जा सकती है।  

गगन गुप्ता ने यह भी बताया कि वर्ष 2019 में उप पंजीयक के आदेश द्वारा इन्हें कोई भी बड़ा निर्णय लेने से रोक दिया गया था। फिर ये बिना किसी GBM, बिना सोसायटी के नागरिकों की अनुमति, और बिना उप पंजीयक की अनुमति के सुरक्षा में बदलाव और अन्य बड़े निर्णय कैसे ले सकते हैं? वास्तव में इन्होंने सुरक्षा के संबंध में कोई टेंडर भी नहीं किया है। ये सभी कार्य सोसायटी के नागरिकों के हितों के विरुद्ध हैं और सोसायटी के धन का दुरुपयोग है।

अनिल जैन ने बताया कि मुकदमे की पैरवी के लिए एडवोकेट को फीस सभी देते हैं, परंतु इन कालातीत पदाधिकारियों ने पैरवी न करने के लिए 15-20 लाख रुपए फीस के रूप में एडवोकेट को भुगतान किया है। कालातीत पदाधिकारियों द्वारा 17 लाख रुपए बिना किसी अनुमति के राइट-ऑफ कैसे किए जा सकते हैं।

कालातीत पदाधिकारी कर्नल सुशील शर्मा ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमा डिप्टी रजिस्ट्रार की वजह से लंबित है क्योंकि वे जवाब नहीं दे रहे हैं।

पार्षद डॉ अनिल तोमर ने अपने संबोधन में बताया कि किस प्रकार आपसी समझौते द्वारा सोसायटी में अच्छा माहौल बना सकते हैं। 

सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट श्रीमती ददलानी ने बताया कि यदि डिप्टी रजिस्ट्रार जवाब नहीं दे रहा है तो भी दोनों पक्षों की सहमति से सुनवाई हो सकती है। यदि मुकदमा वापस लेना है तो पहले प्रधान दलिप कपूर को वापस लेना होगा क्योंकि पहले मुकदमा उन्होंने दायर किया था। उसके बाद अनिल जैन द्वारा वापस हो सकता है।

इसके पश्चात अनेक नागरिकों ने कर्नल सुशील शर्मा से प्रश्न पूछे। उन्होंने अधिकांश प्रश्नों का उत्तर देने से बचने का प्रयास किया और विषय को बदलने की कोशिश की।जब एक नागरिक ने उनसे पूछा "यह कोर्ट का केस हमारे पैसे से लड़ा जा रहा है और हम में से कोई भी इसे लड़ने के पक्ष में नहीं है, सिवाय आपके", तो उन्होंने कहा "ब्रिगेडियर दिलीप कपूर की तबियत ठीक नहीं है, मैं उनसे निर्देश लेकर केस वापस लेने की सहमति दूंगा"।  

बातचीत के दौरान नागरिकों ने सुशील शर्मा से यह भी पूछा कि "आपको किसने अधिकृत किया है कि आप हमारी तरफ से एडवोकेट को इतना पैसा दें? और किसकी सहमति से आप सोसायटी के धन का उपयोग नागरिकों के अधिकारों के विरुद्ध कर रहे हैं?" इस पर भी उनके पास कोई उत्तर नहीं था। 

अंत में सुशील शर्मा ने आश्वासन दिया कि वे केस वापस ले लेंगे। इसके लिए वे सोसायटी द्वारा गठित 3-4 लोगों की कमेटी से समन्वय करेंगे और ब्रिगेडियर दिलीप कपूर से भी दिशा निर्देश लेंगे।

वहां उपस्थित सभी नागरिकों की सहमति से 4 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है:  

    1. एम.एस. त्यागी  

    2. कपिल शर्मा  

    3. एडवोकेट गगन गुप्ता 

    4. सरदार तनजीत सिंह 

यह कमेटी सुशील शर्मा से समन्वय करेगी।

इस मौके पर उपस्थित सभी निवासियों की एक ही आवाज थी कि आपसी सहमति से दोनों पक्षों द्वारा मुकदमा वापस हो, जिससे सोसायटी में चुनाव हो सकें।

कार्यक्रम का संचालन अनिल जैन, सरदार तनजीत सिंह तथा मनन कुमार द्वारा किया गया। समापन पर सभी का आभार व्यक्त किया गया।



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