ग़ाज़ियाबाद। जीडीए जोन-5 में अवैध निर्माण पर जनता के बीच बड़ा सवाल खड़ा हो गया है—जीडीए वीसी के आदेश के बाद तीन बार इस बिल्डिंग पर ध्वस्तीकरण और बार-बार सीलिंग की गई है, इसके बावजूद फिर से दुकानें कल कैसे खुल गईं?
पुर्व में कार्रवाई के दौरान बिल्डर ने अपने गुर्गों द्वारा अधिकारियों के साथ बदसलूकी, गाली गलौज, धक्का मुक्की की थी, जिस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जीडीए पूर्व वीसी ने बिल्डर के खिलाफ गंभीर धाराओं में fir दर्ज करने के लिए बोला था, लेकिन नीचे के सेटिंग बाज संबंधित अधिकारी ने fir दर्ज नहीं करवाई, खाना पूर्ति के लिए केवल सीलिंग और ध्वस्तीकरण कर दिया था। इन्होंने उसको बोला थोड़े दिन रुक जाओ जीडीए वीसी के ज़ाने के बाद फिर बना लेना।
देखें वीडियो: -
हुआ भी वही। पूर्व वीसी के जाने के बाद संबंधित अधिकारी ने बिल्डर को अपना आश्रीवाद दे दिया, बिल्डर ने तेजी से 3 लेंटर डाल दिए और दुकानें बनाकर किराए पर भी दे दीं।लेकिन शिकायतकर्ता ने अभी कुछ दिन पहले जीडीए वीसी नंद किशोर कलाल से मिलकर शिकायत की। शिकायत का संज्ञान लेते हुए वीसी नंद किशोर कलाल ने फिर इस अवैध निर्माण को ध्वस्तीकरण के आदेश दिए। लेकिन जोन 5 के संबंधित अधिकारी ने बिल्डर को बचाते हुए फिर से सीलिंग की कार्रवाई कर दी और सीलिंग की फोटो खींच कर जीडीए ग्रुप में डाल दी। फिर उन्होंने मामले को दबा दिया। कुछ दिन बिल्डिंग सील थी, लेकिन कल फिर सील हटा कर दुकानें खोल ली गई।
जीडीए उपाध्यक्ष के सख्त आदेश के बाद भी क्या ज़मीनी स्तर पर “सेटिंग” का खेल चल रहा है?
क्या GDA ने खुद सील खोलने का आदेश दिया, या नियमों को दरकिनार किया गया?
बड़ा सवाल है आखिर इस भ्रष्टाचार का जिम्मेदार कौन है? वीसी साहब जवाब दे दीजिए जनता जानना चाहती है।




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