ग़ाज़ियाबाद : दिनेश जमदग्नि। राजनगर एक्सटेंशन स्थित महक जीवन सोसायटी, हम–तुम रोड में बिल्डर द्वारा की जा रही अवैध वसूली और अधूरे विकास कार्यों को लेकर फ्लैट खरीदारों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इस संबंध में खरीदारों द्वारा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की हेल्पलाइन पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसकी लिखित शिकायत एवं विभागीय जवाब की प्रति (फोटो संलग्न) सामने आ चुकी है।
शिकायतकर्ता मुरारी लाल शर्मा (फ्लैट संख्या A-1206) के अनुसार, फ्लैट की सुपर बिल्ट-अप एरिया में ओपन स्पेस एवं साझा क्षेत्र (कॉमन एरिया) की कीमत पहले ही वसूली जा चुकी है। इसके बावजूद बिल्डर ने हाइड्रोलिक पार्किंग के नाम पर अतिरिक्त राशि की मांग की और यह दबाव बनाया कि बिना पार्किंग शुल्क दिए रजिस्ट्री नहीं की जाएगी।
इस पूरे मामले में बिल्डर प्रतिनिधि अभिषेक मलहोत्रा द्वारा दिए गए बयानों से स्थिति और भी स्पष्ट होती है। एक ओर बिल्डर का कहना है कि मेंटिनेंस का हैंडओवर “महक जीवन ओनर्स एसोसिएशन” को किया जा चुका है। वहीं दूसरी ओर यह भी स्वीकार किया गया है कि ओपन एरिया पर बनाई गई पार्किंग अभी तक किसी भी फ्लैट खरीदार को अलॉट नहीं की गई है। इसके साथ ही बिल्डर द्वारा यह भी कहा गया है कि नक्शे में बदलाव के लिए GDA में आवेदन दिया गया है।
फ्लैट खरीदारों का कहना है कि जब बिल्डर स्वयं यह मान रहा है कि नक्शे में बदलाव के लिए आवेदन दिया गया है, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि नक्शे के विपरीत हाइड्रोलिक पार्किंग का निर्माण किया गया, उसे खरीदारों को बेचा गया, पार्किंग अलॉटमेंट लेटर एवं पार्किंग नंबर भी जारी किए गए, जो अपने आप में गंभीर अनियमितता है।
इसके अतिरिक्त बिल्डर द्वारा ADC चार्ज (डेवलपमेंट चार्ज) की पूरी राशि वसूल ली गई, लेकिन आज तक सोसायटी के बाहर की सड़क, ड्रेनेज एवं अन्य आवश्यक बाहरी विकास कार्य पूरे नहीं किए गए हैं। इस संबंध में GDA हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत संख्या 13450 की लिखित प्रति एवं विभागीय टिप्पणी साक्ष्य के रूप में संलग्न की गई है।
फ्लैट खरीदारों का कहना है कि यह पूरा मामला RERA अधिनियम, उपभोक्ता संरक्षण कानून एवं GDA के नियमों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने मांग की है कि हाइड्रोलिक पार्किंग के नाम पर ली गई अवैध राशि वापस कराई जाए, ADC चार्ज से संबंधित विकास कार्य तत्काल पूरे कराए जाएँ और यदि बिल्डर ऐसा नहीं करता है तो GDA स्वयं कार्य कराकर उसकी लागत बिल्डर से वसूले।








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