ग़ाज़ियाबाद। रविवार 4 जनवरी। श्रृंगी ऋषि कृष्णदत्त वेद यज्ञ विज्ञान न्यास के तत्वावधान में नीतिखंड 2, इंदिरापुरम में आयोजित 2 जनवरी से 4 जनवरी तक सामवेद पारायण महायज्ञ की आज पूर्णाहुति के अवसर पर यज्ञ में सामवेद के दिव्य वेद मन्त्रों से आहुति प्रदान की गई। हजारों की संख्या में उपस्थित महानुभावों ने मिलकर राष्ट्र कल्याण की भावना से ओतप्रोत होकर सभी के कल्याण, सुख, समृद्धि की कामना और राष्ट्र हित के लिए देवताओं से प्रार्थना की।

यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य जयवीर शास्त्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि यज्ञ केवल पूजा पद्धति भर नहीं है अपितु जीवन शैली है। जिसके संगतिकरण, दान और पूजा तीन आधार स्तम्भ हैं। जिनमें राष्ट्र समाज और व्यक्ति के पवित्रकारण का मार्ग निहित है और साथ ही समाज में एकत्व, मानवता और एक दूसरे के सहयोग का दृष्टि निहित है। हम सबको मिलकर यज्ञ करना चाहिए, वह पारिवारिक और समाजिक समृद्धि का आधार है।

यज्ञ को संपादित करने के लिए डॉ कृष्णावतार, डॉ कमलदीप जी, डॉ ओमपाल, योगी सोहित शास्त्री, आचार्य अमित शास्त्री, अध्वर्यु श्री नीरज शास्त्री, चिराग शास्त्री, कुलवंत, कपिल त्यागी, निशित पाठक, सचिन त्यागी, हर्ष रावत, रोहित, धीरज सारस्वत, अंकित, मोहित त्यागी, चेतेंद्र यादव, मनमोहन मखीजा, अजय जुनेजा, कमल नेगी, प्रदीप गुप्ता एवं नरेश अरोड़ा का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।



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