राज्य सभा सांसद इंदु गोस्वामी जी से 'वुमन पॉवर अवार्ड' लेतीं लेखिका अनु ठाकुर

नई दिल्ली: पुनीत माथुर। अपनी लेखनी के माध्यम से जन चेतना, जागृति और नारी शक्ति के उत्थान के लिए हमेशा प्रयासरत रहने वाली हिमाचल प्रदेश के  सरकाघाट मंडी से संबंध रखने वाली लेखिका व समाज सेविका अनु लेखिका व समाज सेविका अनु ठाकुर को उनके सामाजिक योगदान के लिए मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कांगड़ा बैजनाथ में 'अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सम्मान समारोह' में 'वुमन पॉवर अवार्ड' से सम्मानित किया गया। 

यह सम्मान समारोह 'हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी' और 'फोकस हिमाचल' द्वारा आयोजित किया गया था। अनु ठाकुर को ये प्रतिष्ठित सम्मान राज्य सभा सांसद इंदु गोस्वामी द्वारा प्रदान किया गया।

लेखिका व समाज सेविका अनु ठाकुर

बता दें कि अनु ठाकुर 'हिमाचल दर्शन' फेसबुक पेज भी चलाती हैं। इस पेज के द्वारा वो हिमाचल प्रदेश की कला और संस्कृति को संजोने व बढ़ाने के लिए प्रेरणादायक काम कर रही हैं। 

इस पेज पर वो लाइव और वीडियो के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के रीति-रिवाज पेज से जुड़े लोगों तक पंहुचाती हैंं।

इसके साथ-साथ अनु ठाकुर अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी हुई महान विभूतियों के बहुत सारे साक्षात्कार अपने फेसबुक पेज 'हिमाचल दर्शन' पर कर चुकी हैं। अनु समय-समय पर विशेष कवि सम्मेलन आयोजित करवाती हैं और हुनरबाजों को अपनी प्रतिभा  दुनिया के सामने दिखाने का मौका देती हैं। 

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बहुमुखी प्रतिभा की धनी अनु ठाकुर साहित्य, संगीत, कला, विज्ञान व समाज सेवा को समर्पित राष्ट्रीय स्तर पर भारत सरकार से मान्यता प्राप्त संस्था 'काव्य कॉर्नर फाउंडेशन' की हिमाचल प्रदेश अध्यक्षा हैं। 

वीर शहीद सैनिक परिवार कल्याण हेतु कार्य करने वाली संस्था 'रक्षक फाउंडेशन' की भी  वो हिमाचल प्रदेश सचिव हैं। 

अनु हिमालयन अपडेट साहित्य सृजन संगीत कला संगम मंच की हिमाचल प्रदेश सह - प्रभारी हैं। अनु हिमालयन अपडेट फेसबुक पेज पर भी बहुत सारे साक्षात्कार ले चुकी हैं व बहुत से काव्य मंचों पर कोरोना काल से अब तक अपनी कविताओं का काव्य पाठ कर चुकी हैं। उनकी काव्य प्रस्तुतियों की दर्शकों द्वारा बहुत सराहना भी की जाती रही है।

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न्यूज लाइव टुडे से बातचीत के दौरान अनु ठाकुर ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्राप्त सम्मान के लिए राज्य सभा सांसद सुश्री इन्दु गोस्वामी जी, हिमाचल प्रदेश भाषा कला संस्कृति अकादमी, और फोकस हिमाचल के डारेक्टर विनोद भावुक जी का तहेदिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा, "सम्मान महज एक कागज का टुकड़ा नहीं या लकड़ी का तख्ता नहीं होता, ये परिचायक है इस बात का कि आपका काम समाज में आपकी अलग पहचान बना रहा है।"

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